जीवन बदलने वाली कहानी – Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech

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Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech
Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech

Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech


हेलो दोस्तों आज की इस पोस्ट में मैं आप सबसे Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech शेयर करने वाला हूँ तो दोस्तों इस कहानी को जरूर पढ़ना।

सदगुरु जी ने एक जीवन बदल देने वाली कमाल की कहानी बताई है 5 मिनट समय निकाल कर इस पोस्ट को जरूर पढ़ें, अगर पसंद आये तो अपने दोस्तों से जरूर शेयर करना।


Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech

एक साधु जो कि बहुत ज्ञानी थे वे अपने ज्ञान से अपने गांव के लोगों की मदद किया करते थे जब गांव के राजा को उस साधू के बारे में पता चला कि वे काफी ज्ञानी है तो राजा उस साधु के पास गए और उनसे कहा आप यहाँ पेड़ के नीचे बैठ कर अपना जीवन व्यर्थ मत कीजिए

आप मेरे महल में मंत्री बन जाइये और मंत्री बन कर पूरे गांव की मदद कीजिये, साधु राजा की बात मान लेते है लेकिन वे राजा से कुछ शर्त रखते है

साधु राजा से कहते है मुझे आपके महल में एक ऐसा कमरा चाहिए जिसमें मेरे अलावा कोई दूसरा नहीं जाएगा और उस कमरे की चाबी हमेशा मेरे पास रहेगी और आप कभी मुझसे ये नहीं पूछेगे की मैं उस कमरे में क्या करता हूं अगर आप मुझसे इस बारे में कभी भी कोई सवाल करेंगे तो मैं उसी वक़्त महल छोड़ कर चला जाऊंगा

राजा ने कहा मुझे कोई परेशानी नहीं है आपको एक कमरा अलग से दे दिया जाएगा हर रोज़ महल में किसी न किसी मुद्दे पर बात होती थी और साधु बने मंत्री कोई भी फैसला लेने से पहले एक बार उस कमरे में जाते और 1 घंटे बाद आकर फैसला सुनाते थे और उनका हर फैसला एकदम सही होता था

यह सिलसिला साल भर चलता रहा अब पूरे महल के लोगों में खलबली मच गई की आखिर बाबा अंदर करते क्या है ? कोई कहने लगा बाबा काला जादू जानते है , बाबा ने अंदर किसी को बंद कर रखा है और भी तरह तरह की बातें उड़ने लगी लोग महल के राजा को भी भड़काने लगे हमे वो कमरा खोल कर देखना चाहिए अंदर क्या है .

Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech
Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech

Motivational Story In Hindi 

राजा उस साधु के पास जाते है और कहते है मैं आपका कमरा एक बार देखना चाहता हूं साधु ने कहा आपको अपना वादा याद है ना ? मैं महल छोड़ कर चला जाऊंगा आप देख लीजिए कमरा राजा उन्हें खोना नहीं चाहते थे इसलिए राजा ने साधू से माफी मांग ली

लेकिन राजा को भी जानना था अंदर क्या है एक दिन राजा ने उस कमरे का दरवाजा तुड़वा दिया और जब वे अंदर जाकर देखे तो उन्हें कमरे में कुछ नहीं मिला सिर्फ दीवार पर पुराने कपड़े टंगे थे और भिक्षा मांगने का एक खाली बर्तन पीछे से साधु भी आ गए और उन्होंने राजा से कहा

राजन इस तरह मत देखिये यहाँ कुछ नहीं है यहाँ केवल मेरे पुराने कपड़े है मैं कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने पुराने कपड़ो को पहन लेता हूँ और हाथ मे भिक्षा का बर्तन लिए बैठ जाता हूं उसके बाद ही मैं सही फैसला ले पाता हूं मंत्री बन कर और इन हीरे जवाहरातों को पहन कर मैं कोई फैसले नहीं ले पाता क्योंकि मेरी असलियत एक भिचुक कि है मंत्री की नही

ये छोटी सी कहानी आपको ये सिखाती है अगर आप अपने जीवन मे सही फैसला लेना चाहते है तो अपनी असलियत को अपनाइए उसके बाद निर्णय लीजिये उनकी मानिये आप जीवन मे सही फैसला लेना सीख जाएंगे जो आप नहीं है खुद को वो समझ कर कभी फैसला मत लेना नहीं तो आपका निर्णय गलत होगा

Sadhguru Jaggi Vasudev Hindi Speech


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